Tuesday, 29 May 2012

3 JUNE MAHASANGRAM(३ जून महासंग्राम).......


एक सन्यासी ने ४ जून सा प्रण, जो दोहराया है!
दश जनपथ पर देखो, आज फिर से मातम छाया है!!१!!

आत्मसुरक्षा को खतरा समझती है, इटली वाली माता!
काले धन का ब्यौरा जब-जब माँगा जाता!!२!!

सत्ता के नशे में अंधे होकर करते ये मनमानी!
जनलोकपाल जैसे कानून बनाने में करते ये आनाकानी!!३!!

एक योगी-सन्यासी ने इन लुटेरों को, आज फिर ललकारा है!
राष्ट्रहित युवाओं को रण में, आज फिर पुकारा है!!४!!

घर से निकलो दिल्ली पहुँचो, एक सन्यासी का ये आवाहन है!
मां भारती को मिलेगा उसका खोया गौरव, जन-जन से ये आश्वासन है!!५!!

अब न बरसेंगी सोते लोगों पर लाठी, न कोई 'राजबाला' शहीद होगी!
काला धन लाना होगा, लोकपाल बनाना होगा इससे पहले न भ्रष्ट नेताओं की कोई खैर होगी!!६!!



                                    BY:-                ................मेघव्रत आर्य..............
  

BHRASTACHAR SE SANGHARSH(भ्रष्टाचार से संघर्ष).....

भारत जिसे सोने की चिड़िया कहा जाता था
कोहिनूर जिसे स्वयं सुशोभित करता था
जिसकी माटी को दुनिया में अर्घ्य चढ़ाया जाता था
जिसकी माटी पर सभ्यता ने खोली थी सबसे पहले अपनी आँखें
वह भारत!! जिसकी गौरवगाथा स्वयं हिमालय गाता है
डूब गया भ्रष्टाचार की गहरी खायी में
आज देश की गौरवगाथा रोती है, मरघट की तन्हाई में
इसीलिए में शब्दों को अपना हथियार बन कर निकला हूँ
में भ्रष्टाचार से पीड़ित जनता के दिल की धड़कन गाने निकला हूँ !!१!!

इसीलिए में देश की भोली जनता को दर्शन दिखलाने निकला हूँ
 भ्र्स्ताचारियों  का नामों निशान मिटाने निकला हूँ
यू .पी में तडपा है, बचपन जिनके काले कृत्यों से
बिहार में खा गए जो पशुओं तक के चारे को
जिन्होंने बेच दिया शहादत के भी ताबूतों को
 लोकतंत्र के सीने को जिसने छलनी कर डाला है
जनता के पैसे को जिसने पत्थर का बुत बना डाला है
जिन्होंने देश को दुनिया में शर्मसार किया है
देश के सीने में जिसने राष्ट्रमंडल, 2G घोटाले का घाव किया है
में उन भ्रष्टचारियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने निकला हूँ
में भ्रस्टाचार से पीड़ित जनता के दिल की धड़कन गाने निकला हूँ!!२!!

आज देश में आतंकियों की मौत पर आंसू बहाया जाता है
संतों को गाली और मानवता के हत्यारे ओसामा को "ओसामा जी" कहा जाता है
जो शहीदों की शहादत को भी जाति-धर्म से तोल रहे हैं
अफजल-कसाब को तिहाड़ में निरंतर बर्गर-पिज्जा खिला रहे हैं
जो आरक्षण बढा-बढाकर अछम विषमता बाँट रहे हैं
निजी वोट-बैंक के लिए अल्पसंख्यकों का रोना रोकर जो नित संविधान को पहाड़ रहे हैं
जिन्होंने संसद की गरिमा को घायल सौ-सौ बार किया है
संसद को अपनी चौपाल बना दिया है
में उन गद्दारों को संसद के बाहर खदेड़ने निकला हूँ
इसीलिए में अपने शब्दों के तीखे वारों से जनता की चेतना जाग्रत करने निकला हूँ
आज नहीं जो तुम जागे, तो फिर कब जागोगे??
बचपन है तड़पता, लाचारी के आंसू रोता, 

यौवन है, सिसकता लाचारी के आंसू रोता, यही कहता फिर कब जागोगे??
यही समय है, भ्रस्ताचार से लड़ने का,
भारत को इस पीड़ा से मुक्त करने का 
देश के नौजवानों को में यही बताने निकला हूँ 
में भ्रष्टाचार से पीड़ित जनता के दिल की धड़कन गाने निकला हूँ!!३!!

देश के अतीत में तुम झांको, फिर उसके वर्तमान को निहारो
तब देश की क्या पहचान थी, ये तुम पहचानो
भारत की क्या शान थी ये तुम पहचानो  
क्या कहती है जनता, क्या कहता है कुपोषित बचपन ये तुम पहचानो 
उनकी रोती हुए आवाजों को पहचानो 
चीख-चीखकर, बिलख-बिलखकर जो कहती हैं में वही सुनाने निकला हूँ 
में भ्रष्टाचार से पीड़ित जनता के दिल की धड़कन गाने निकला हूँ!!४!!

जिसने भारत को नंगा कर डाला है 
तिरंगे के स्वाभिमान को भी जिसने धूमिल कर डाला है 
में उन्हें उनके अंजाम तक पहुँचाने निकला हूँ 
बेरोजगारी, भुखमरी, देश में फैली अराजकता चीख-चीखकर तुमसे ये कहती है
भ्रष्ट व्यवस्था परिवर्तित कर डालो,
रामदेव-अन्ना के सपनो का भारत नया रच डालो 
तुम वंशज वीर शिवा के हो, तुम्हें ये स्मरण कराने निकला हूँ  
तुम्हें तुम्हारे शौर्य पराक्रम का एहसास कराने निकला हूँ 
में भ्रष्टाचार से पीड़ित जनता के दिल की धड़कन गाने निकला हूँ!!५!!


             

                        BY:-     ................मेघव्रत आर्य................






Saturday, 26 May 2012

BALIDAN TUMHARA(बलिदान तुम्हारा).......

ऐ शहीदों!! बलिदान तुम्हारा हर पल अमर रहेगा!
युग-युग तक भारत का कण-कण तुमको नमन करेगा!!१!!

तुमने ही बन्दूक उठाकर दुश्मन को ललकारा
तुम्ही बन बैठे दुश्मनों की राहों पर अंगारा
आज़ादी का दीप तुम्हारे बल पर सदा जलेगा
युग-युग तक भारत का कण-कण तुमको नमन करेगा!!२!!

धन्य है! जीवन तुम्हारा, तुमने अपने घर को छोड़ा
बहिनों की राखी छोड़ी, माताओं से मुख मोड़ा
कौन है, इस धरती पर जिन आँखों में पानी नहीं भरेगा
युग-युग तक भारत का कण-कण तुमको नमन करेगा!!३!!

तुम सेनानी, तुम बलिदानी, तुमसे ''विजयी तिरंगा''
तुमसे ही वैभव पाती हैं, कोकिल यमुना-गंगा
देशप्रेम के लिए तुम्हे जग धरती पुत्र कहेगा
युग-युग तक भारत का कण-कण तुमको नमन करेगा!!४!!

ऐ शहीदों!! बलिदान तुम्हारा हर पल अमर रहेगा
युग-युग तक भारत का कण-कण तुमको नमन करेगा!!५!!


          
                               BY:-                .................मेघव्रत आर्य.................
                 

Monday, 21 May 2012

SMRITIKAAR TU SMRITI KARA DE(स्मृतिकार तू स्मृति करा दे)......


स्मृतिकार तू स्मृति करा दे, देशप्रेम मतवालों की
मात्रभूमि पर मिटने वाले भारत माँ के लालों की!!१!!

स्मृति न विस्मृत होने पाए,

अपने स्याह लहू से स्वतन्त्र भारत का सृजन करने वालों की

स्मृतिकार तू  स्मृति करा दे

देश की आज़ादी और कारगिल में शहीद वीर जवानों की

स्मृतिकार तू स्मृति करा दे, देशप्रेम मतवालों की
मात्रभूमि पर मिटने वाले भारत माँ के लालों की!!२!!


स्मृति न विस्मृत होने पाए,

राष्ट्रहित फांसी के फंदे को गले का हार बनाने वालों की,

स्मृतिकार तू स्मृति करा दे

घायल सीना लेकर दुश्मनों को खाक में मिलाने वाले वीर जवानों की

स्मृतिकार तू स्मृति करा दे देशप्रेम मतवालों की
मात्रभूमि पर मिटने वाले भारत माँ के लालों की!!३!!


स्मृतिकार तू स्मृति करा दे, बूढ़े पिता को
उनके बुढ़ापे का सहारा बनने नहीं आ रहा हूँ, में
जिन कन्धों चढ़कर घुमा में पूरे बचपन
उन्ही कन्धों का सहारा लेने फिर आ रहा हूँ में,

स्मृतिकार तू  स्मृति करा दे बूढी माँ को
उसे छोड़कर नहीं जा रहा हूँ में,
अपितु भारत माँ की रक्षा के लिए एक माँ की
कोख से जन्म लेने फिर आ रहा हूँ में,

स्मृतिकार तू स्मृति करा दे देशप्रेम मतवालों की
मात्रभूमि पर मिटने वाले भारत माँ के लालों की!!४!!




                BY:-                      ..................मेघव्रत आर्य................

Saturday, 19 May 2012

KAHAN JAYEGI SABHYTA(कहाँ जाएगी सभ्यता)???


 दिल करता है, चाँद सितारे तोड़कर उनके क़दमों में बिछा दूं !
क्या कहते हैं आप उन्हें अपना VALENTINE बना दूं!!

अरसा गुजर गया उन्हें छुपकर निहारते!
कभी मुस्कुराते, कभी गुनगुनाते!!

कुछ कहने की सोची तो फिसल गयी जुबां!
बढ़ गयी धड़कन, दिल थर-थर कांपे!!

इस नयी "यो-यो जनरेसन"  को देखो, कितना सटीक वार करती है!
पहली ही मुलाक़ात में मिलन की बात करती हैं!!

ये प्यार का मतलब देह से समझ बैठे हैं!
 हर किसी पर अपना हक समझ बैठे हैं!!

सेल फ़ोन की तरह प्रेमिकाओं को बदल रहे हैं!
वो भी क्या कम हैं, सब कुछ समझ रहे हैं!!

वादा किसी से, निभाया कहीं और जा रहा है!
तेरे ''मस्त-मस्त दो नैन'', गाया कहीं और जा रहा है!!

या रब ऐसे में मेरे भारत महान का क्या होगा!
कहां जाएगी सभ्यता, संस्कृति का जाने क्या होगा!!



                                                              .........................

Friday, 18 May 2012

GARIBI KI PARIBHASHA(गरीबी की परिभाषा).........


 एक छोटी सी कविता
पूरी कहानी बयां कर जाती है!!१!!

गरीब लाचार व्यक्ति के
मन में छिपी सारी व्यथा बयां कर जाती है!

बेटी का विवाह  या समाज के ताने
मन में छिपा सारा दुःख बयां कर जाती है!

एक छोटी सी कविता
पूरी कहानी बयां कर जाती है!!२!!

बच्चों की शिक्षा या स्वयं का उपचार
मन में छिपी सारी दुविधा बयां कर जाती है!

पहनने को दो वस्त्र या रहने को छोटा सा आशियाँ
मन में छिपा सारा दुःख बयां कर जाती है!

एक छोटी सी कविता
पूरी कहानी बयां कर जाती है!!३!!

भगवान् पर अटूट विश्वास या किस्मत को दुत्कार
मन में छिपी सारी दुविधा बयां कर जाती है!

समाज की बेरुखी या सरकार की झूठी सहानुभूति
मन में छिपा सारा रोष बयां कर जाती है!

एक छोटी सी कविता
पूरी कहानी बयां कर जाती है!!४!!

भूखे पेट रोजगार की तलाश या साहूकार की गालियाँ
मन में छिपा सारा दर्द बयां कर जाती है!

बच्चों का वर्तमान या उनका भविष्य
मन में छिपी सारी दुविधा बयां कर जाती है!

एक छोटी सी कविता
पूरी कहानी बयां कर जाती है!!५!!

फटे वस्त्रो में जून की गर्मी या जनवरी की सर्दी
मन में छिपा सारा दर्द बयां कर जाती है!

दिवाली की रोशनी या होली के रंग
मन में छिपी सारी व्यथा बयां कर जाती है!

एक छोटी सी कविता
पूरी कहानी बयां कर जाती है!!६!!





         BY:-                       .....................मेघव्रत आर्य.....................

SERVILE ELECTRONIC MEDIA(चापलूस, चमचाखोर इलेक्ट्रोनिक मीडिया).........

कबीर याद हैं न आपको??? अरे वही, जो दोहे वोहे लिखा करते थे. अब भी याद नहीं आया, चलो अच्छा ही है की हम उन्हें भूल गए, वर्ना आज की इस चापलूस, चमचाखोर और चाटुकार इलेक्ट्रोनिक मीडिया की स्थिति देखकर वो बेचारे काशी के किसी घाट पर सिर पटक-पटक कर आत्महत्या कर लेते. चापलूसी और चाटुकारिता के प्रबल विरोधी कबीर से लेकर हरिशंकर परसाई तक चापलूसों के खतरे के भांपते हुए, कागज बर्बाद करके भगवान् को प्यारे हो गए. लेकिन चापलूसी आज भी जिन्दा है, देश की इलेक्ट्रोनिक मीडिया को देखकर तो लगता है की अमृतपान करके हमेशा के लिए अमर हो गयी है. निःसंदेह इलेक्ट्रोनिक मीडिया को देश की जनता ख़बरों के आदान-प्रदान का सबसे तेज और शसक्त माध्यम मानती है, और आशा करती है, की इलेक्ट्रोनिक मीडिया १ अरब २१ करोड लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओ का सच और देश की वास्तविक हकीकत उन्हें निष्पक्ष रूप से दिखाएगी. लेकिन इलेक्ट्रोनिक मीडिया को देश के सच और ख़बरों की निष्पक्षता से ज्यादा अपनी T R P(Television Rating Point) प्यारी है.  कुछ सरकारी हड्डियाँ (Govt.. Bribe) और सरकारी फंडिंग पर नाचने वाली इलेक्ट्रोनिक मीडिया से ये उम्मीद करना की वो जनता को निष्पक्ष खबरें दिखाएगी पूरी तरह बेमानी है. Delhi NCR में एक लड़की के साथ रेप हो जाने की घटना पर यही नीच, चमचाखोर, चापलूस सरकारी इलेक्ट्रोनिक मीडिया, उस लड़की और उसके परिवार को संवेदना और सहानुभूति के चार शब्द बोलना तो दूर उल्टा उसके  MMS Clip को ब्रेकिंग न्यूज़ बनाकर 24 घंटे अपने न्यूज़ चैनल पर चलाती है. तो दूसरी तरफ एक सांसद "नारायण दत्त तिवारी" राजभवन में एक महिला के साथ रंगरेलियां मानते हुए पकड़ा जाता है, अभी कुछ दिनों पहले एक अन्य  सांसद "अभिषेक मनु सिंघवी" का सेक्स वीडियो सोसिअल नेटवर्किंग साइट्स पर आया.  पुराने अनुभवी व बहुचर्चित पोर्न नेता नारायण दत्त तिवारी के एक पुराने कुकृत्य को नाम देने के लिए हाईकोर्ट ने उससे उसका ब्लड सैमपल माँगा, उसने देने से साफ़ मना कर दिया. जब सुप्रीम कोर्ट ने  जबरन उसका ब्लड सैमपल लेने का आदेश दिया तो उसे चक्कर आने लगे और इन सारे प्रकरणों पर गला फाड़कर चिल्लाने वाला यही नीच सरकारी मीडिया ऐसे चुप बैठ गया जैसे इसकी जुबान को लकवा मार गया हो या कुछ सरकारी हड्डियाँ इसके मुह पर मारकर इसका मुह बंद करा दिया गया हो. आखिर क्यों  इलेक्ट्रोनिक मीडिया ने देश की संविधानिक संस्था CAG द्वारा किये गए खुलासे अब तक के सबसे बड़े घोटाले (कोयला घोटाले) से सम्बंधित खबरें अपने न्यूज़ चैनल पर नहीं दिखाईं??? आखिर क्यों सलमान के अफेयर और बिपासा के ब्रेकअप को प्रमुखता से दिखाने वाली नीच सरकारी इलेक्ट्रोनिक मीडिया करोड़ों रूपए के कर्जे में डूबे हर रोज आत्महत्या करने वाले लाचार और बेबस किसानो की सच्चाई देश की बाकी जनता को नहीं दिखाती???  हर रोज कभी रावण की ममी, स्वर्ग की सीडी, तो कभी दुनिया की आखिरी तारीख, दिन और साल पता लगाने का दावा करने वाली इलेक्ट्रोनिक मीडिया, आखिर क्यों आज तक "सोनिया माता" की बीमारी और उनके अस्पताल का पता नहीं ढून्ढ पायी??????????


        BY:-                              ..................मेघव्रत आर्य...................